Gyanvapi Masjid Verdict: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में ओवैसी का बड़ा सवाल, पूछा- HC बड़ा है या लोकल कोर्ट?

उत्तरप्रदेश नई दिल्ली न्यूज़ भारत

Gyanvapi Masjid Verdict: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में

वाराणसी की स्थानीय अदालत ने मुस्लिम पक्षकारों की याचिका

खारिज करते हुए सर्वे जारी रखने का आदेश दिया है. AIMIM

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट के फैसले को गलत बताया है.

Gyanvapi Masjid Verdict

उत्तर प्रदेश में वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. मामले में गुरुवार को कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकारों की याचिका को खारिज करते हुए सर्वे को जारी रखने का आदेश दिया है. मुस्लिम पक्ष का आरोप था कि सर्वे पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा. मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में कमिश्नर अजय मिश्रा को बदलने की मांग की थी. मामले में फैसला आने के बाद AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ज़ी न्यूज से खास बातचीत की है.

‘एक और मस्जिद को नहीं खोएंगे’

ओवैसी ने कोर्ट के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला सरासर गलत है. बाबरी मस्जिद को खो चुके हैं, एक और मस्जिद को नहीं खोएंगे. देश आस्था से नहीं बल्कि कानून और संविधान से चलेगा. फैसले के खिलाफ मस्जिद कमेटी को सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. उन्होंने मामले में हाई कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए पूछा कि लोकल अदालत बड़ी है या हाई कोर्ट?

भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि मस्जिद परिसर का सर्वे करने का वाराणसी कोर्ट का आदेश पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के खिलाफ है. अदालत को सूचित करना केंद्र का ‘संवैधानिक कर्तव्य’ था कि उनका आदेश अधिनियम के खिलाफ है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इसके घृणा फैलाकर राज करने की कोशिश कर रही है.

मोदी सरकार से की ये अपील

उन्होंने कहा कि मोदी की सरकार और यूपी में भाजपा की सरकार को अदालत को सूचित करने की आवश्यकता है कि संसद ने पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 पारित किया है. इसके तहत धार्मिक संरचनाएं, चाहे वह मंदिर, मस्जिद, जैन मंदिर हों, या वे सिखों और ईसाइयों से संबंधित हो.. आप उन्हें परेशान नहीं कर सकते.

कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में स्थानी कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने मुस्मिल पक्ष की कमिश्नर बदलने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. साथ ही जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि कल (13 मई) शुक्रवार सर्वे फिर से शुरू करना सुनिश्चित किया जाए. कोर्ट ने अजय मिश्रा के साथ दो नए कमिश्नर को भी सर्वे में जोड़ा है. जांचकर्ताओं को 17 मई को सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में सौंपनी है.

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