C.M. मध्यप्रदेश: यदि ऐसा हुआ तो फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं कमलनाथ

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ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे और सिंधिया के समर्थक विधायक और मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद कमलनाथ सरकार पर संकट आ गया। कयास ये लगाए जा रहे थे की शायद सबकुछ सही हो जायेगा लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब बीजेपी का दामन थाम लिया तब लगभग कमलनाथ सरकार का गिरना तय हो गया, और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आखिरकार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे ही दिया। 




मध्यप्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मचने के बाद आखिर कार शिवराज सिंह चौहान ने  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे चौथी बार बीजेपी के मुख्यमंत्री पद की सपथ ली। 
अचानक से 20 मार्च को कमलनाथ के इस्तीफे के बाद सीएम पद की दौड़ में शिवराज ही सबसे मजबूत दावेदार थे।



आपको बता दें शिवराज सिंह चौथी बार प्रदेश के CM बने हैं| शिवराज मध्यप्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले नेता, जो चौथी बार सीएम बने शिवराज 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सीएम रह चुके हैं।



2 विधायकों के निधन के बाद 2 सीटें पहले से खाली हैं। सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 22 विधायक बागी हो गए थे। इस तरह कुल 24 सीटें अब खाली हैं। इन पर 6 महीने में चुनाव होने हैं। अब उप चुनाव में भाजपा को दम दिखानी होगी और फिर से अपने लिए बहुमत के लिए सीट जीतनी होंगी|


उपचुनाव में भाजपा को नहीं मिलीं 9 सीटें तो कांग्रेस की होगी वापसी


भाजपा के पास 106 विधायक हैं। 4 निर्दलीय उसके समर्थन में आए तो भाजपा+ की संख्या 110 हो जाती है। 24 सीटों में से भाजपा को बहुमत के लिए 9 और सीटों की जरूरत होगी। यदि कांग्रेस ने भाजपा को इस आंकड़े से पहले रोक लिया तो कमलनाथ फिर से सत्ता में वापसी आ सकते हैं|

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