JNU Latest row: JNU में ‘ब्राह्मण भारत छोड़ो’ का लिखा गया नारा, जांच के दिए गए आदेश #JNU #JNUControversy

JNU Latest row: जेएनयू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से विवादों में है. इस यूनिवर्सिटी की दीवारों के पास बैठकर हजारों छात्र पढ़ते हैं लेकिन इन्हीं दीवारों पर किसी ने

जातिवाद का वायरस लाल रंग में फैला दिया है.

जवाहरलाल नेहरू नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) की VC शांतिश्री डी. पंडित ने कैंपस में दीवारों पर लिखे गए नारों के मामले में संझान लिया है। उन्होंने पत्र जारी कर कहा कि कुछ अज्ञात तत्वों ने कैंपस की दीवारों और फैकल्टी रूम के बाहर आपत्तिजनक स्लोगन लिखे हैं। इसके चलते स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज एंड शिकायत कमेटी के डीन को जल्द से जल्द जांच करने के आदेश दिए हैं और मामले में VC को एक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है।

JNU caste slogan row: 

दिल्ली कीजवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU University) एक बार फिर विवादों में है. इस बार विवाद की वजह है जेएनयू की दीवारों पर लिखे जातिवादी और ब्राह्मण विरोधी स्लोगन. जेएनयू में कई दीवारों पर ब्राह्मण (Brahmin) और बनिया (Baniya) समाज के खिलाफ भड़काऊ और जहरीले संदेश लिखे गए हैं. इस विवादास्पद घटनाक्रम से आक्रोशित बीजेपी की छात्र संगठन इकाई एबीवीपी (ABVP) का दावा किया है कि इस साजिश के पीछे लेफ्ट विंग के छात्रों (Left Student Wing) का हाथ है. वहीं जेएनयू के वीसी ने कहा है कि दोबारा ऐसी किसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

‘ब्राह्मण-बनिया भारत छोड़ो’ 

ब्राह्मण भारत छोड़ो. दिल्ली की मशहूर जेएनयू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से विवादों में है. जिसकी कई दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी नारे लिखे गए हैं. जेएनयू यानी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में सिर्फ ये अकेला जातिगत नारा नहीं है, बल्कि कुछ अन्य जातियों को भी निशाना साधा गया है. कुछ दीवारों पर लिखा है कि ब्राह्मण और बनिया समाज के खिलाफ स्लोगन लिखे हैं. दीवारों पर लाल रंग से बड़ा-बड़ा लिखा है कि ब्राह्मण और बनिया हम आ रहे हैं. अगली दीवार पर एक हैशटैग के साथ लिखा है We will Avenge…यानी हम बदला लेंगे. जेएनयू की दीवारों पर एक और स्लोगन है, जिसमें लिखा है THERE WILL BE BLOOD…यानी यहां खून होगा.

‘जेएनयू में जातिवाद का वायरस’

कुछ तस्वीरों पर एक तरफ ब्राह्मण भारत छोड़ो स्लोगन लिखा है तो दूसरी ओर ब्राह्मण-बनिया तस्वीर और ब्लड वाला नारा लिखा गया है. सोचिए, ये हिंसक और भड़काऊ स्लोगन उन दीवारों पर लिखे गए हैं, जिनके साये में भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की क्लास लगती है. इस यूनिवर्सिटी की दीवारों के दायरे में हजारों छात्र पढ़ते हैं लेकिन इन्हीं दीवारों पर किसी ने जातिवाद का वायरस लाल रंग में फैला दिया है.

प्रोफेसरों को बनाया निशाना

सिर्फ इतना ही नहीं जेएनयू में पढ़ाने वाले कई प्रोफेसर के चैंबर को भी निशाना बनाया गया है. चैंबर की दीवार पर नाम के सामने लिखा है GO BACK TO SHAKHA. वहीं एक दीवार पर लगी नीले रंग के नेम प्लेट पर राज यादव नाम लिखा है. उसके ठीक नीचे लाल रंग से लिखा है शाखा वापस जाओ. यहां शाखा से मतलब आरएसएस की शाखा से है.

लेफ्ट विंग पर लगा आरोप

इसी तरह नलिन कुमार महापात्रा के नेम प्लेट के नीचे भी यही संदेश लिखा है. जितने भी स्लोगन और मैसेज हैं. ये सभी लाल रंग में ही लिखे गए हैं. एबीवीपी अध्यक्ष रोहित कुमार ने विवादित स्लोगन का मुद्दा जेएनयू प्रशासन के सामने उठाया है. रोहित का आरोप है कि समाज को तोड़ने वाली इस मानसिकता के पीछे लेफ्ट विंग का हाथ है.

डीन से मांगी गई रिपोर्ट
जेएनयू प्रशासन ने विवादित नारों को लेकर संबंधित विभाग के डीन से मामले की जांच और रिपोर्ट सौंपने को कहा है. वहीं जेएनयू के वाइस चांसलर ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि दोबारा ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

जेएनयू के रजिस्ट्रार के नोटिस में कहा गया है कि प्रशासन कैंपस में ऐसी घटनाओं की निंदा करता है। इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि जेएनयू सभी का है। जेएनयू समावेश और समानता के लिए खड़ा है।

जाति विरोधी नारे लिखे
जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर की रात को कैंपस की दीवारों पर ब्राह्मणों और बनियों के खिलाफ नारे लिखे गए। स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की दीवारों पर लाल रंग से ब्राह्मणों कैंपस छोड़ो; ब्राह्मणों-बनियों हम तुम्हारे लिए आ रहे हैं, तुम्हें बख्शा नहीं जाएगा; शाखा लौट जाओ… जैसी धमकियां लिखी मिलीं।।

JNU की उस महिला प्रोफेसर के केबिन के दरवाजे पर भी ‘शाखा लौट जाओ’ का नारा लिखा मिला, जिन्हें 8 नवंबर, 2019 को वामपंथी दल ने स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की उनकी ही क्लास में बंधक बना लिया था। वंदना को करीब 3 दिन के लिए हिरासत में रखा गया था।

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