1962 के भारत-चीन युद्ध में पराक्रम दिखाने वाले महेश चंद्र का निधन

नई दिल्ली न्यूज़ भारत

चीन से युद्ध की बात आते ही दिल में उठते हैं शोले… यह हुंकार भरने वाली आवाज हमेशा-हमेशा के लिए शांत हो गई। उनकी वीरता व कौशल को देख कर उन्हें कई मेडल से भी नवाजा गया था। 82 साल की उम्र में भी चीन से दो-दो हाथ करने की चाहत रखने वाला यह जांबाज आखिर जिंदगी की जंग हार गया।

हम बात कर रहे हैं मूल रूप से मुरादगंज क्षेत्र के गांव हैदरपुर निवासी व पिछले काफी समय से औरैया के मोहल्ला बनारसीदास में रहने वाले महेश चन्द्र त्रिपाठी की। रविवार रात 82 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उन्होंने सेना में रहकर 1962 के भारत-चीन युद्ध में चीनी सेना को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। उनकी वीरता व कौशल को देखते हुए उन्हें कई बार मेडल से भी नवाजा गया है। उम्र के इस पड़ाव पर भी भारत-चीन रिश्तों से जुड़ी बात चलने पर वे अक्सर लोगों से कहा करते थे कि वह आज भी देश के खातिर चीन से दो – दो हाथ करने का जज्बा रखते हैं। उनके निधन पर तमाम लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की है।

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