क्या हैं कारगिल युद्ध विजय दिवस , क्यों मनाया जाता हैं?

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कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। भारत इस को अपने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान में मनाया जाता है,भारत के लिए ये दिन आज भी बहुत यादगार और महत्वपूर्ण हैं। कारगिल युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला और 26 जुलाई को उसका अंत हुआ।

कारगिल युद्ध के नायक-

*दिगेंद्र कुमार

*मनोज कुमार पांडेय

*योगेन्द्र सिंह यादव

*राइफलमैन संजय कुमार

*विक्रम बत्रा

*सौरभ कालिया

कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों के पराक्रम के साथ उनके शौर्य का भी जमकर प्रदर्शन हुआ था जिससे उन्होंने युद्ध पर विजय प्राप्त की थी.देश के जवानों ने ऊंचाई पर बैठे दुश्मनों की स्थिति पता करने में सैटेलाइट इमेज ने बहुत अहम् भूमिका निभाई थी उस समय आज जैसी उच्च तकनीक एवं सुविधाएं नहीं थीं. आज जैसी उन्नत तकनीक एवं आधुनिक हथियार होते तो कारगिल युद्ध दो माह नहीं चलता और न ही बड़ी संख्या में जवानों को शहादत देनी पड़ती।

कारगिल विजय दिवस का इतिहास :-

सर्दी के मौसम का फायदा उठाकर पाकिस्तानी सेना कारगिल क्षेत्र में पहुंच गई , और उसने भारतीय बंकरों पर चोरी से कब्जा कर लिया । कारगिल क्षेत्र में लोगों द्वारा 3 मई , 1999 को पाकिस्तानी सेना को देखा गया । करगिल क्षेत्र भारतीय नेशनल हाईवे नंबर 1 के निकट है । जो कि श्रीनगर को लेह से जोड़ता है । यह क्षेत्र समुद्र तल से लगभग 16000 फीट की ऊंचाई पर है।

5 मई को एक पेट्रोलिंग टीम की छोटी टुकड़ी वहाँ गश्त करने गई , तथा उस टुकड़ी के जवान मुठभेड़ में शहीद हो गए । दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना ने गोलीबारी शुरू कर दी , जिसमें भारतीय सेना का गोला बारूद नष्ट हो गया ।

भारतीय सेना ने इसका जवाब देने के लिए उस क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ा दी । इस युद्ध मे विजय निशित करने के लिए जत सेना और वायु सेना ने भी अपना मोर्चा संभाला । घुसपैठियों को रोकने के लिए भारतीय सेना ने 14 मई , 1999 को ऑपरेशन फ्तश आउट शुरू किया , इसके साथ ही कारगिल विजय का युद्ध सुरू हो गया ।

भारतीय वायु सेना ने आकाश से युद्ध किया , तथा भारतीय जल सेना ने भी युद्धपोत अरब सागर में तैनात कर दिए ,1 जून 1999 को पाकिस्तानी सेना ने नेशनत हाईवे 1 पर कब्जा करने के किए अपनी तोपें लगा दी । 9 जून को भारतीय सैनिकों ने बालाकोट से पाकिस्तानी सेना को हटाकर अपना कब्जा ते तिया । 13 जून को भारतीय सेना ने द्रास में तोतॉलिंग पर अपना कब्जा जमा लिया ।

धीर – धीरे पाकिस्तानी सेना का मनोबत कमजोर पड़ने लगा । 4 जुलाई को भारतीय सेना ने 11 घंटे की मुठभेड़ के बाद टाइगर हिल्स पर कब्जा कर लिया । 5 जुलाई को भारतीय सेना ने संपूर्ण द्रास क्षेत्र को अपने कमरे में ले लिया , 14 जुलाई 1999 को प्रधानमंत्री अटत बिहारी वाजपेई ने ऑपरमान विजय की कामयाबी की घोषणा की तथा 26 जुताई 1999 के दिन तक पाकिस्तानी सेना पूर्ण रूप से भारतीय सीमा रेखा से बाहर कर दी गई थी ।

करगिल युद्ध क्यों हुआ ?

कारगिल युद्ध से पाकिस्तान भारत में कब्जा जमाना चाहता था । तथा पहले भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में हार का बदला लेना चाहता था ।
शिमला समझोते को खत्म करना ।

कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाना ।

लेह और श्रीनगर को मिलाने वाले नेशनल हाईवे नंबर 1 पर कब्जा करना नेशनल हाईवे नंबर 1 पर आवागमन को रोकना जिससे लद्दाख से देश का आवागमन रुक जाए । तथा जरूरी चीजों की आपूर्ति बंद हो सके ।

दास और कारगित क्षेत्र पर कब्जा करना ।

चुग घाटी , बाल्टिक क्षेत्र और तुरतूक की पहाड़ियों पर कब्जा करना ।

भारत को सियाचिन से पीछे खदेड़ना ।

भारत के क्षेत्र पर कब्जा करके नियंत्रण रेखा को बदलना ।

कारगिल युद्ध में हुआ नुकसान :-

कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय थल सेना के 19 जवानों ने मा भारती की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए , तथा 1365 जवान घायल हो गए । और 1 जवान लापता हो गया । भारतीय वायु सेना के 5 जवान शहिद हो गए . इसके अलावा भारतीय दो तड़ाकू विमान Mig – 21 और Mig – 27 तथा एक हेलीकॉप्टर Mic Mi17 नष्ट हो गए । इस युद्ध ने विश्व भर में यह साबित कर दिया कि , हमारे जवान देश के लिए जान की बाजी लगाने का जज्बा रखते हैं । और भारत की सेना ईट का जवाब पत्थर से दे सकती है । करीब 2 महीने तक चलने वाला यह युद्ध भारतीय सेना की ऐसी शीर्य गाथा है , जिस पर हर देशवासी को ग़र्ब है ।

“आंखों में जुनून दिल में तूफान लिए फिरते हैं , जमीन पर रहकर परिंदे से उड़ान लिए फिरते हैं ।
मेरे देश के जवानों का जज्बा तो देखिए , सिर पर कफन और हथेली पर जान लिए फिरते हैं ।।”

‘जो हिमगिरी पर खून गिरा , वह खून बड़ा अभिमानी था ।
वतन की खातिर मिटने वाला , हर वीर तूफानी था । “

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