हर घर तिरंगा अभियान : ऑनलाइन इस तरह ले सकते हैं हिस्सा

नई दिल्ली न्यूज़ भारत




हर घर तिरंगा अभियान को लेकर देश के आम नागरिकों के अलावा तमाम सरकारी विभाग, मंत्रालय के साथ ही निजी कंपनियां भी तैयारी कर रही है। दरअसल, हाल ही में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में पीएम मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान की घोषणा की है। वहीं आज मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत, 13 से 15 अगस्त तक, एक स्पेशल मूवमेंट – ‘हर घर तिरंगा- हर घर तिरंगा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आंदोलन का हिस्सा बनकर 13 से 15 अगस्त तक, आप, अपने घर पर तिरंगा जरुर फहराएं, या उसे, अपने घर पर लगायें। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमें जोड़ता है, हमें देश के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करता है।





पीएम का सुझाव- तिरंगा को बनाए प्रोफाइल पिक्चर

पीएम मोदी ने आगे सुझाव देते हुए कहा कि 2 अगस्त से 15 अगस्त तक, हम सभी, अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर (social media profile pictures) में तिरंगा लगा सकते हैं। दरअसल 2 अगस्त का हमारे तिरंगे से एक विशेष संबंध भी है। इसी दिन पिंगली वेंकैया जी की जन्म-जयंती होती है, जिन्होंने हमारे राष्ट्रीय ध्वज को design किया था। मैं उन्हें, आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। अपने राष्ट्रीय ध्वज के बारे में बात करते हुए मैं, महान क्रांतिकारी मदम कामा को भी याद करूंगा। तिरंगे को आकार देने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

वहीं तिरंगा अभियान के तहत भारत सरकार ने पूरे देश में झंडे की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। देश के सभी डाकघर 1 अगस्त से झंडे बेचना शुरू कर देंगे।



डाकघर से 25 रुपए में खरीद सकते हैं ध्वज

हर घर तिरंगा अभियान में डाक विभाग भी हर घर तिरंगा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। डाक विभाग के वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सभी प्रधान डाकघरों में 1 अगस्त से बिक्री के लिए तिरंगा उपलब्ध रहेगा। जिसे लोग मात्र 25 रुपए में खरीद सकते हैं। इसे अपने घर पर लगाया जा सकता है। शीघ्र ही इसे अन्य डाकघरों में भी बिक्री हेतु उपलब्ध कराया जाएगा।



डाकघर में एक सेल्फी पॉइन्ट

पोस्ट मास्टर जनरल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत प्रत्येक प्रधान डाकघर में एक सेल्फी पॉइन्ट, राष्ट्र ध्वज एवं स्वतंत्रता संग्राम पर जारी डाक टिकटों तथा विशेष आवरणों के फिलेटली फ्रेम के साथ भी बनाया जाएगा। नागरिकों को इस सेल्फी पॉइन्ट पर सेल्फी लेने के पश्चात हैशटैग के साथ इंडिया पोस्ट और अमृत महोत्सव हैंडल को टैग करते हुए सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करने के लिए उत्साहित किया जाएगा। सोशल मीडिया पर अभियान के साथ-साथ डाक कर्मियों एवं स्थानीय नागरिकों की भागीदारी के साथ प्रभात फेरी का आयोजन भी किया जाएगा।



खादी ग्रामोद्योग से भी खरीद सकते हैं तिरंगा

इसके अलावा, राज्य सरकारों ने झंडे की आपूर्ति और बिक्री के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ करार किया है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को gem पोर्टल पर भी पंजीकृत किया गया है। भारत सरकार ने ध्वज की आपूर्ति की प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटों और स्वयं सहायता समूहों के साथ भी करार किया है। इसके अलावा खादी ग्रामोद्योग आयोग से तिरंगे झंडे लेने और उन्हें व्यापार संघों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।





राष्ट्रीय ध्वज के लिए आकार सुनिश्चित

वर्तमान में बाजार में विभिन्न आकार के तिरंगे 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक उपलब्ध हैं। हालांकि, लोगों के लिए राष्ट्रीय ध्वज खरीदना आसान बनाने के लिए, सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय ने 20 “x30”, 16 “x24” और 6×9 के आकार का सुझाव दिया है।



ऑनलाइन भी ले सकते हैं हिस्सा

ऐसे लोग जो किसी कारणवश घर पर तिरंगा नहीं फहरा पा रहे हैं, वो इस अभियान में ऑनलाइन भी जुड़ सकते हैं। संस्कृति मंत्रालय ने एक वेबसाइट https://harghartirang.com/ लॉन्च की है, जहां कोई भी ‘झंडा लगा सकता है’ और अपनी देशभक्ति दिखाने के लिए ‘फ्लैग के साथ सेल्फी’ भी पोस्ट कर सकता है।





भारतीय ध्वज संहिता में संशोधन

गृह मंत्रालय ने 30 दिसंबर 2021 को अपने आदेश के तहत भारतीय ध्वज संहिता, 2002 में संशोधन किया है। जिसके तहत अब पॉलिएस्टर से बने राष्ट्रीय ध्वज या मशीन से बने झंडे को अनुमति दी गई। यानि अब, भारत का राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुने हुए या मशीन से बने, कपास,पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम, खादी बंटिंग से बना होगा। इसके साथ ही भारतीय ध्वज संहिता 2002 को 20 जुलाई, 2022 को संशोधित किया गया, ताकि दिन और रात में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सके। पहले प्रावधान था कि झंडा केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही फहराया जा सकता था।

इसमें किसी भी समारोह या अवसर के अलावा किसी भी दिन सार्वजनिक, निजी संगठनों या किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रावधान भी शामिल है, बशर्ते वे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को नियंत्रित करने वाले नियमों का पालन कर रहे हों।



इसमें किसी भी समारोह या अवसर के बावजूद किसी भी दिन सार्वजनिक, निजी संगठनों या किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रावधान भी शामिल है, बशर्ते वे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को नियंत्रित करने वाले नियमों का पालन कर रहे हों।





25 करोड़ घरों में तिरंगा लगाने का अनुमान

केंद्र सरकार ने देशभर में 25 करोड़ घरों पर स्वेच्छा से तिरंगा लगाने का अनुमान है। वर्तमान में बाजार में विभिन्न आकार के तिरंगे 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक उपलब्ध हैं। हालांकि लोगों के लिए राष्ट्रीय ध्वज खरीदना आसान बनाने के लिए, सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय ने 20 “x30”, 16 “x24” और 6×9 के आकार का सुझाव दिया है।

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