हरतालिका तीज पर महिलाओ ने रखा व्रत और पतियो की लंबी उम्र का वरदान

उत्तरप्रदेश न्यूज़ भारत

हरतालिका तीज पर महिलाओ ने रखा व्रत और पतियो की लंबी उम्र का वरदान

गंगाघाट उन्नाव

रिपोर्टर मोहम्मद सैफ

हरतालिका तीज पर सुहागिनें और कुंवारी कन्याएं दोनों ही भगवान शिव और मां गौरी की विशेष पूजा अाराधना कर प्रसन्न करती हैं. इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहकर अगले दिन व्रत का पारण करती हैं. बता दें कि सबसे पहले इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रखा था.आज हरतालिका तीज की पूजा के दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. हरतालिका तीज व्रत में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश भगवान की पूजा की जाती है। विवाहित स्त्रियां इस व्रत को पति की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना से रखती हैं तो वहीं अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए। हरतालिका तीज व्रत पूजन में कथा सुनना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यता है हरतालिका व्रत कथा स्वयं भगवान शिव ने ही मां पार्वती को सुनाई थी। हरतालिका तीज व्रत की पूजा प्रदोषकाल में की जाती है. यह दिन और रात के मिलन का समय होता है. पूजा करने के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मिट्टी (बालू रेत या काली मिट्टी) से प्रतिमा बनाई जाती है.

इनसेट– सभी व्रत से कठिन होता है हरतालिका तीज का व्रत
हरतालिका तीज का व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती को रेशम के वस्त्र अर्पित करने का विधान है. तीज की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में करना सबसे शुभ माना जाता है.
हरतालिका तीज व्रत में रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है. इस व्रत में आठों पहर पूजन करने का विधान है, रात्रि के समय शिव-पार्वती के मंत्रों का जाप या भजन करना चाहिए.चतुर्थी तिथि यानी अगले दिन व्रत को खोला जाता है. व्रत की पारण विधि के अनुसार ही व्रत का पारण करना चाहिए.इस बार हरतालिका तीज पर रवि योग बना है. ज्योतिष के अनुसार, ये योग 14 साल बाद इस दिन बन रहा है. हरतालिका व्रत की पूजा इस वर्ष रवि योग में की जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published.