सेना में लोग केवल पैसे के लिए नहीं जाते : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल

नई दिल्ली न्यूज़ भारत



राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा है कि सेना में लोग केवल पैसे के लिए नहीं जाते हैं। वे देश की सेवा और रक्षा के जज्बे के साथ इसमें शामिल होते हैं। उनके इस बयान के साथ ही ‘अग्निपथ योजना’ पर चल रहे सारे प्रश्न चिन्हों पर विराम लगा गया है। दरअसल, उन्होंने अग्निपथ योजना को लेकर एक इंटरव्यू के दौरान देश के समक्ष खुलकर अपनी यह बात रखी है।



अगर ये भावना नहीं है तो आप इस करियर के लिए नहीं बने

इस संबंध में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने विस्तार बताया कि ‘एज पर एज द मैसेज टू द यूथ इज कंसर्न, ये मैसेज बड़ा क्लियर होना चाहिए कि सेना में जो लोग जाते हैं वो केवल पैसे के लिए नहीं जाते। वो एक जज्बे के साथ जाते हैं। उनमें देशप्रेम होता है, राष्ट्र भक्ति होती है, यौवन की शक्ति होती है। वे इसके अंदर अपने आपको इन्वेस्ट करते है और सोचते हैं कि हम देश के लिए क्या कर सकते हैं। अगर ये भावना नहीं है तो आप इस करियर के लिए नहीं बने हैं। इसमें हम केवल ऐसे लोगों को ही चाहते हैं।’



आपकी ट्रेनिंग और फिटनेस से ज्यादा आवश्यक है आपकी मानसिकता

आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, कि ‘आपकी ट्रेनिंग कितनी है, आपकी फिटनेस कितनी है, ये आवश्यक है लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है कि आपकी मानसिकता क्या है। तो अगर कोई भी युवा अग्निवीर बनना चाहता है तो देश के सभी युवाओं को मेरा मैसेज यही है पॉजिटिव हो और हैव फेथ… हैव फेथ इन द नेशन, हैव फेथ इन योर लीडर शीप, हैव फेथ इन द सोसाइटी एंड हैव फेथ इन योर सेल्फ.. दैट इज द मोस्ट इम्पोर्टेंट थिंग। स्वामी विवेकानंद कहते थे, पुराना धर्म कहता था नास्तिक वो है जो ईश्वर पर विश्वास नहीं करता। नया धर्म ये कहता है कि नास्तिक वो है जो स्वयं पर विश्वास नहीं करता।’

भविष्य में आस्था रखिए, अपने आप पर विश्वास रखिए, आपका भविष्य बहुत उज्ज्वल होगा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कहते हैं कि अगर आपको अपने ऊपर विश्वास है तो आपकी फिजिकल फिटनेस, मेंटल फिटनेस, ट्रेनिंग और आपकी आयु को देखते हुए आपके लिए सारी दुनिया पड़ी है। यू कैन कंपेयर द वर्ल्ड, द होल वर्ल्ड इज फोर यू। अगर आप डिमोरलाइज्ड हैं, आपकी नेगेटिव थिंकिंग है तो आपको सारी चीजें पॉजीटिव होते हुए भी भविष्य अंधकारमय दिखेगा। भविष्य में आस्था रखिए, अपने आप पर विश्वास रखिए और आपका भविष्य बहुत उज्ज्वल होगा।



हमें कल की तैयारी करनी है तो परिवर्तन लाना पड़ेगा

इसके अलावा एनएसए ने ‘अग्निपथ योजना’ की जरूरत का जिक्र करते हुए कहा कि जो हम कल कर रहे थे अगर वही भविष्य में भी करते रहे तो हम सुरक्षित रहेंगे यह जरूरी नहीं। इसलिए हमें कल की तैयारी करनी है तो परिवर्तन लाना पड़ेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि भारत के पास एक बड़ी युवा आबादी है। ऐसे में उसकी सेना की औसत आयु बड़ी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सेना को आज तकनीक प्रयोगी युवा की जरूरत है।

बदल रहे हैं सुरक्षा के हालात

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने आज के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत समेत दुनिया भर सुरक्षा करने के तौर तरीके और उसके माहौल में तेजी से बदलाव आया है। आज भौतिक लड़ाई की जगह अदृश्य लड़ाई ने जगह ले ली है, तकनीक के सहारे युद्ध लड़े जा रहे हैं। अगर हमें अपनी सुरक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय संपत्ति का संरक्षण करना है, तो हमें बदलाव लाने पड़ेंगे।



सेना में जाने वाले आकांक्षी युवा उम्मीदवार अपने घर पर तैयारियां कर रहे हैं

योजना के विरूद्ध हो रहे हिंसक प्रदर्शनों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि सेना में जाने वाले आकांक्षी युवा उम्मीदवार अपने घर पर तैयारियां कर रहे हैं। हिंसक प्रदर्शन करने वाले असल में सेना में भर्ती के उम्मीदवार नहीं है।

25 से 26 वर्ष की आयु में अग्निवीरों पर कोई पारिवारिक दबाव नहीं होगा

अग्निपथ योजना के करियर पक्ष पर उन्होंने कहा कि 25 से 26 वर्ष की आयु में अग्निवीरों पर कोई पारिवारिक दबाव नहीं होगा। उनके पास करियर के तौर पर अन्य विकल्प चुनने क्षमता और योग्यता दोनों होगी। साथ ही आने वाले समय देश की अर्थव्यवस्था भी 5 ट्रिलियन डॉलर की बन जाएगी और उद्योगों को ऐसे युवा लोगों की खास जरूरत होगी।



अग्निपथ योजना को लाने से पूर्व सालों तक इस पर चर्चा और संवाद किया गया

उन्होंने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ को लाने से पूर्व सालों तक इस पर चर्चा और संवाद किया गया है। कई समितियों ने इसके पक्ष में अपनी राय दी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रहित में किसी भी राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार रहने वाले नेता हैं। उन्हीं के नेतृत्व में इस तरह की योजना लाना संभव हुआ है। एनएसए ने कहा कि 2006 में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार के दौरान रक्षा मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को इस योजना से जुड़ा एक प्रस्ताव भेजा था।

वर्षों से थी अग्निपथ योजना की मांग

एनएसए ने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ की मांग पिछले कई दशकों से थी, यह हमारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी है, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति न होने की वजह से यह फैसला रुका हुआ था। हमें भविष्य की जरूरतों को देखते हुए फैसले लेने पड़ते हैं। आज रक्षा के क्षेत्र में हर स्तर और हर पायदान पर सुधार हो रहा है, देश की सेना को आधुनिक बनाने के लिए भारत सरकार आधुनिक हथियार खरीद रही है, जिससे हम अपनी सेना को और भी विश्वस्तरीय बना सकते हैं।



चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगे अग्निवीर

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने देश की आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि आज हमारे देश में सबसे ज्यादा युवा हैं। 4 साल बाद जिन अग्निवीरों को नियमित किया जाएगा, उन्हें गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। समय के साथ जैसे-जैसे उन्हें अनुभव होगा, वे एक सर्वश्रेष्ठ सैनिक के रूप में तैयार होंगे।



रेजिमेंटल सिस्टम से नहीं होगी कोई छेड़छाड़

महज इतना ही नहीं, एनएसए ने रेजिमेंटल सिस्टम पर सवाल उठाने वालों से कहा कि देश में 23 जाति आधारित रेजीमेंट हैं। यह रेजीमेंट आगे भी बनी रहेंगी। इस सिस्टम के साथ कोई छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया जाएगा।

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