सी-प्लेन उड़ान सेवा योजना अंतर्गत जल हवाई पट्टी विकसित करने हेतु राजघाट बांध (रानी लक्ष्मीबाई सागर) को जोड़ने की मांग

न्यूज़ भारत मध्यप्रदेश न्यूज़

आल इंडिया टुडे / जिला ब्यूरो चीफ केशव कोली चंदेरी



विश्व पर्यटन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
(27 सितंबर 2021)
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*सी-प्लेन उड़ान सेवा योजना अंतर्गत जल हवाई पट्टी विकसित करने हेतु राजघाट बांध (रानी लक्ष्मीबाई सागर) को जोड़ने की मांग*
—————————— भारत सरकार की हवाई क्षेत्र में या खुली मंशा है कि हवाई चप्पल पहनने वाला इंसान भी हवाई यात्रा का लुफ्त उठाएं। यानी देश का आम आदमी किफायती दाम पर हवाई सैर करके अपने अरमानों को पूरा कर सकें। उत्तम जानकारी अनुसार भारत सरकार की *सी-प्लेन उड़ान सेवा योजना (उड़े देश का आम नागरिक)* अंतर्गत सी-प्लेन एक ऐसी योजना है जिसके सहारे देश का आम आदमी हवाई सेवा से जुड़ सकता है।क्योंकि इस योजना अंतर्गत दस-बारह सीटर सी-प्लेन किसी भी बड़े जलाशय में जो उक्त सेवा हेतु निर्धारित तकनीकी मापदंडों को पूरा करता हो, पानी पर से उड़ान और पानी पर ही लैंड कर सकता है। भारत सरकार की उत्तम सोच है कि इस सेवा के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के साथ ही देश भर में प्रत्येक प्रकार के पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, अतएव छोटे शहर और ग्रामीण इलाकों को आपस में जोड़ने का विकल्प है सी-प्लेन उड़ान सेवा योजना ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगर चंदेरी जिला अशोकनगर मध्य प्रदेश से मात्र 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित *राष्ट्रीय तीर्थ राजघाट बांध (रानी लक्ष्मीबाई सागर)* अंतर राज्यीय, बहुउद्देश्यीय बांध, भारत की प्राचीन *बेतवा नदी* पर मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। 18 फाटक वाले इस बांध का अधिकतम जलस्तर 373.07 मीटर, न्यूनतम संचय जलस्तर 356.72 मीटर सहित बांध का कुल जलमग्न क्षेत्र 24210 हेक्टेयर एवं कुल जल ग्रहण क्षेत्र 16317 वर्ग किलोमीटर है। पक्के बांध की लंबाई 562.50 मीटर और ऊंचाई 43.08 मीटर हो कर मिट्टी के बांध की लंबाई 10.79 किलोमीटर एवं ऊंचाई 29.05 मीटर है आशय यह है कि *सी-प्लेन उड़ान सेवा योजना (उड़े देश का आम नागरिक)* अंतर्गत निर्धारित उन तमाम योग्यताओं पर शायद राजघाट बांध खरा उतरता है जो सी-प्लेन के लैंडिंग और टेक ऑफ यानी *जल हवाई पट्टी* हेतु जरूरी मापदंडों से जुड़ी हुई है। यदि राजघाट बांध को *जल हवाई पट्टी* के रूप में सी प्लान से जोड़ा जाता है, अवश्य ही निकटवर्ती पर्यटन स्थल चन्देरी सहित देवगढ़, ओरछा, शिवपुरी, नरवर पर्यटन स्थल सहित जिला अशोकनगर, जिला शिवपुरी, जिला सागर, जिला ललितपुर, झांसी आदि क्षेत्र लाभान्वित होंगे वहीं क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे तथा रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध होंगे। स्मरण रहे सी-प्लेन उड़ान सेवा भारत सरकार की योजना है तो वही राजघाट बांध भी भारतीय संसद द्वारा पारित *बेतवा नदी परिषद अधिनियम 1976* अंतर्गत निर्मित है। राजघाट बांध और चन्देरी पर्यटन का चोली दामन का साथ है। चन्देरी पर्यटन में राजघाट बांध की अहम भूमिका शामिल है। जिला अशोकनगर अंतर्गत कहीं भी हवाई पट्टी मौजूद नहीं है जिस कारण पर्यटन एवं व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जिला अशोकनगर हेरिटेज पर्यटन अंतर्गत चन्देरी तो धार्मिक आध्यात्मिक पर्यटन श्री आनंदपुर साहिब, करीला धाम, थूबौन आदि के लिए सब दूर जाना पहचाना जाता है इसलिए वर्षभर पर्यटकों श्रद्धालुओं और व्यापारियों का आवागमन जारी रहता है। उल्लेखनीय है कि चंदेरी फिल्म शूटिंग हब के रूप में तेजी से उभर कर सामने आ रहा है नगर में निरंतर होती फिल्म शूटिंग चंदेरी पर्यटन बढ़ावा हेतु शुभ संकेत हैं।


अतएव ऊपर वर्णित परिस्थितियां एवं चंदेरी पर्यटन सहित इस संपूर्ण क्षेत्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए एक आवेदन पत्र *श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी नागर विमानन मंत्री (भारत सरकार)* को प्रेषित कर विनम्र निवेदन किया गया है कि भारत सरकार की *सी-प्लेन उड़ान सेवा योजना (उड़े देश का आम नागरिक)* अंतर्गत *जल हवाई पट्टी* विकसित किए जाने हेतु *राजघाट बांध (रानी लक्ष्मीबाई सागर)* को जोड़ने की दिशा में उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।
*कोरोना वायरस से बचाव हेतु मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें*
*एक दिन तो गुजारिए चंदेरी में*

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