भारत में स्कूली शिक्षा में आईसीटी के उपयोग को मिली यूनेस्को की मान्यता, पीएम ई-विद्या कार्यक्रम की सराहना

नई दिल्ली न्यूज़ भारत



भारत में स्कूली शिक्षा के ढांचागत विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत रही है। इसी बदलाव के क्रम में शिक्षा मंत्रालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में पीएम ई-विद्या की शुरुआत की गई। पीएम ई-विद्या पहल को यूनेस्को की मान्यता मिली है। यह मान्यता भारत में स्कूली शिक्षा में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग के लिए मिली है। आईसीटी डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एक साथ जोड़ता है ताकि बच्चों के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग कर मल्टी-मोड एक्सेस को सक्षम किया जा सके।

क्या है पीएम ई-विद्या कार्यक्रम?

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान पीएम ई-विद्या नामक एक व्यापक पहल की शुरुआत की थी ताकि महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं पहुंचे। पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक रेडियो स्टेशनों सहित 12 पीएम ई-विद्या डीटीएच टेलीविजन चैनलों और लगभग 397 रेडियो स्टेशनों के उपयोग के माध्यम से बच्चों को घरों तक सीखने में सहयोग करना था। ये प्रयास विशेष रूप से महामारी की स्थितियों में स्कूल बंद होने के कारण छात्रों तक पहुंच बनाने में मददगार थे। इन प्रयासों से ही प्रभावित होकर यूनेस्को ने मान्यता देकर पुरस्कार के लिए चयन किया है।

मिला हमद बिन ईसा अल-खलीफा पुरस्कार

भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की इकाई को यूनेस्को के वर्ष 2021 के लिए शिक्षा में आईसीटी के उपयोग के लिए किंग हमद बिन ईसा अल-खलीफा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार “सतत विकास के लिए वर्ष 2030 एजेंडा और शिक्षा पर इसके लक्ष्य 4 के अनुरूप अवसरों का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों का लाभ उठाने के लिए मान्यता प्रदान करता है।

2005 में शुरू हुआ पुरस्कार

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट परियोजनाओं को लागू कर रहे व्यक्तियों और संगठनों को पुरस्कृत करने के लिए बहरीन साम्राज्य के समर्थन से वर्ष 2005 में स्थापित यह पुरस्कार शुरू किया गया। इस पुरस्कार के माध्यम से डिजिटल युग में सीखने, शिक्षण और समग्र शैक्षिक प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकियों के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। पुरस्कार का चयन प्रति वर्ष दो सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं का चयन करती है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय में एक समारोह के दौरान 25,000 अमेरिकी डॉलर, एक पदक और एक डिप्लोमा प्रदान किया जाता है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की पहल

सभी के लिए शैक्षिक अवसरों को बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की घोषणा की थी। इस प्रणाली को लाने का उद्देश्य देश में शैक्षिक प्रणाली में समानता लाने के लिए सस्ती टेक्नोलॉजी का उपयोग कर शिक्षा की पहुंच को आसान बनाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और समग्र शिक्षा के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रमों बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है । एनसीईआरटी के माध्यम से शिक्षा मंत्रालय बड़ी संख्या में ई-बुक्स, ई-कंटेंट – ऑडियो, वीडियो, इंटरेक्टिव, ऑगमेंटेड रियलिटी कंटेंट, इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) वीडियो, ऑडियोबुक, टॉकिंग बुक्स आदि के डिजाइन, विकास और प्रसार में काम कर रहा है।

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