पोलैंड की राजधानी में धर्मस्थलों ने खोले द्वार: वारसा का हिंदू मंदिर बना शरणार्थियों का ठिकाना

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रूसी हमले के बाद यूक्रेन से लौट रहे लोगों के लिए पोलैंड में धर्मस्थलों ने भी द्वार खोल दिए हैं। यहां गुरुद्वारों में लंगर मिल रहा है। वहीं रात को ठहरने के लिए मंदिर में इंतजाम किए गए हैं। यूक्रेन से जो भी शरण के लिए आ रहे, उनका खुले दिल से स्वागत किया जा रहा है। इसमें वहां वाॅर जोन से आ रहे भारतीयों को ही नहीं बल्कि यूक्रेन के नागरिकों को भी सम्मान के साथ सुरक्षित रखा जा रहा है।

होशियारपुर के गुरभेज बोले- ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह फ्री

पौलेंड की राजधानी वारसा पहुंचे पंजाब के होशियारपुर के गुरभेज सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि यहां की सरकार ने बड़ी सेवा निभाई है। यूक्रेन से ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह फ्री है। कोई भी स्टूडेंट बिना किराया दिए कहीं भी ट्रैवल कर सकता है। पोलैंड आने पर गुरुद्वारा साहिब की मैनेजमेंट ने हमें रिसीव किया। वहां लंगर का अच्छा इंतजाम है। जो भी यूक्रेन से आ रहे हैं, उन सबकी सेवा की जा रही है। गुरुद्वारा साहिब से मंदिर पहुंचाया जा रहा है।

हमारे भाई-बहन तकलीफ में, इसलिए पूरे इंतजाम किए : मंदिर प्रेसिडेंट


पौलेंड की राजधानी वारसा में हिंदू मंदिर के प्रेसिडेंट हरीश लालवानी और उनकी पत्नी अमृता लालवानी ने कहा कि यूक्रेन से हमारे भाई-बहन तकलीफ झेलकर यहां पहुंचे हैं। हम चाहते हैं कि यहां उन्हें कोई परेशानी न हो। इसलिए उनके लिए पूरे इंतजाम किए हैं। हम चाहते हैं कि सभी जल्द से जल्द अपने वतन में परिवार के पास लौट सकें।

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