नोएडा डीएम का बड़ा आदेश, कोविड मरीजों से ज्यादा पैसा वसूलने वाले अस्पताल को ब्याज सहित वापस लौटाना पड़ेगा –

उत्तरप्रदेश नई दिल्ली न्यूज़

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई (Suhas LY IAS) ने गुरुवार को बड़ा आदेश जारी किया है। जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों का इलाज करने के लिए जिले के जिन प्राइवेट अस्पतालों ने निर्धारित से ज्यादा वसूली की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। ऐसे अस्पतालों से ब्याज सहित वसूली करके पैसा मरीजों को वापस लौटाया जाएगा। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) प्राइवेट अस्पतालों की अनाधिकृत वसूली से खफा हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को इस दिशा में कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

कोरोना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री के आदेश का अनुपालन करने के लिए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बड़ा निर्णय लिया है। कोरोना के इलाज में सरकार ने निर्धारित की गई दरों से अधिक वसूल करने वाले अस्पतालों से ब्याज सहित धनराशि मरीजों को वापस कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपद की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों और कोविड-19 की ऑनलाइन बैठक करते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी सुहास एलवाई जनपद में कोरोना के संक्रमण को रोकने और कोरोना संक्रमित मरीजों को मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इलाज संभव कराने के लिए वृहद कार्यवाही सुनिश्चित कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने कोरोना को लेकर आज आरडब्लूए के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने दोनों बैठकों में स्पष्ट रूप से कहा है कि जनपद में कोरोना को लेकर जिन प्राइवेट अस्पतालों ने सरकार द्वारा निर्धारित की गई दरों से अधिक वसूली की है, उनके विरूद्ध जिला प्रशासन शक्ति के साथ कार्यवाही करेगा। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से एक व्हाट्सएप नंबर भी शुरू किया गया है। इस नंबर पर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्राइवेट अस्पतालों ने कोरोना को लेकर अच्छा काम किया है, उनकी जिला प्रशासन हृदय से सराहना करता है। इसके अलावा जिन अस्पतालों में सरकार की ओर से निर्धारित की गई दरों से अधिक धनराशि वसूल की गई है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त धनराशि ब्याज सहित वसूल करके मरीजों को वापस लौटाई जाएगी।

डीएम ने अधिकारियों को गहनता के साथ जांच करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि किसी के द्वारा जानबूझकर इस प्रकार की गलती की गई है तो ऐसे अस्पतालों के विरूद्ध कोविड-19 अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज करवाएं। डीएम ने लोगों से अपील की है कि अधिक वसूली के बिल उन्हें व्हाट्सएप करें। वह इन मामलों में जांच का आदेश देंगे।

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