दो लोगों का संबंध बनाना नहीं है क्राइम , फिर क्यों कहा जाता है ‘ नाजायज ‘ ?

Articles रोचक तथ्य

आए दिन ऐसी खबरें पढ़ने को मिल जाती हैं कि फलां लोगों के बीच अवैध संबंधों था . भारतीय समाज में ऐसे संबंधों को बुरी नजर से देखा जाता है . वहीं , क्या आप जानते हैं कि कानून की नजर में अवैध संबंध बनाना अपराध नहीं है . ऐसा क्यों है , जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर . देश में अवैध संबंधों को लेकर अक्सर बातें होती रहती हैं . कोई इस पर बात करना चाहता है , तो कोई बात करने से झिझकता है . हालांकि , हमारे समाज में अवैध संबंधों को बुरा माना जाता है . इस तरह के रिलेशनशिप किसी को पसंद नहीं होते . हालांकि , भारत में कानून की नजर में अवैध संबंध अपराध नहीं है . सगे – संबंधियों में बने संबंध हैं अवैध हमारी सहयोगी वेबसाइट DNA हिंदी में छपी खबर के अनुसार , उन संबंधों को अवैध कहा जाता है .

जहां दो लोग बीच कानूनी तौर पर शादी नहीं हो सकती है , लेकिन शारीरिक संबंध बनाते हैं . हालांकि , परिवार और समाज में ऐसे रिश्तों को बुरी नजर से देखा जाता है और मान्यता नहीं दी जाती है . वहीं , कानून की नजर में यह अपराध नहीं है . सहमति से बना संबंध नहीं माना जाता अपराध कानून के जानकारों का कहना है कि दो बालिग लोगों के बीच में आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध को कानून में अपराध नहीं माना जाता है .

DNA हिंदी को एडवोकेट अनुराग बताते हैं कि दो वयस्कों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं है . यह सामाजिक अपराध हो सकता है , लेकिन कानूनी तौर पर अपराध नहीं है . कानून की नजर में दो लोगों के बीच शारीरिक संबंध तब अपराध की श्रेणी आता है , जब एक पक्ष की बिना सहमति से यह बना हो .

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