गलवां झड़प के एक साल: बिहार रेजिमेंट के जवानों ने कुछ इस तरह तहस-नहस किए थे चीनी पोस्ट

नई दिल्ली न्यूज़ भारत

पूर्वी लद्दाख में गलवां घाटी में झड़प के एक साल पूरे हो गए हैं। लेकिन चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास अब भी डेरा डाले हुए हैं। इस बीच भारत ने भी लंबी अवधि की सोच के साथ उसका मुकाबला करने के लिए खास तैयारी कर ली है। विवाद वाले बिंदुओं पर सीमा विवाद को सुलझाने के लिए भारतीय और चीनी सैन्य प्रतिनिधियों के बीच 11 दौर की बातचीत हुई है। झड़प के एक साल पूरे होने पर आपको बिहार रेजिमेंट के अदम्य साहस और हौसले की कहानी बताते हैं जिसने 15 जून 2020 को गलवां में चीनी पोस्ट को तहस-नहस कर दिया था।

15 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच खूनी झड़प हुई थी। इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। शहीदों में बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू भी शामिल हैं। चीन के भी कई सैनिकों के मारे जाने की खबर है, लेकिन कोई आधिकारिक आंकड़ा अब तक जारी नहीं किया गया है। जानिए कि असल में वहां क्या हुआ था।

15 जून की शाम को इंडियन 3 इन्फेंट्री डिवीजन कमांडर और कई वरिष्ठ अधिकारी पूर्वी लद्दाख सेक्टर में श्योक और गलवां नदियों के वाई जंक्शन के पास मौजूद थे। दोनों देशों के बीच बातचीत होनी थी, इसलिए ये अफसर वहां मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, ’16 बिहार रेजिमेंट समेत भारतीय सुरक्षा बलों से सुनिश्चित करने को कहा गया था कि चीन अपनी पोस्ट हटा ले, जिसके बाद एक छोटी पेट्रोलिंग टीम (पैट्रॉल) इस मैसेज को देने के लिए भेजा गया था।’

Leave a Reply

Your email address will not be published.