इंश्योरेंस, बिजली, सोना-चांदी सस्ते हुए; मोबाइल, चार्जर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के रेट बढ़े; देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली न्यूज़

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 का आम बजट पेश कर दिया है। पहली बार पूरी तरह से पेपरलेस बजट में इन्फ्रास्टक्चर, रियल एस्टेट और सबसे ज्यादा हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश का ऐलान किया गया है। देश में इंश्योरेंस, बिजली, सोना-चांदी, स्टील उत्पादों और पेंट जैसी चीजें सस्ती हो गई हैं। इसके अलावा जूता, नायलॉन के सामान, पॉलिस्टर कपड़े, सोलर लालटेन और लेदर के उत्पाद सस्ते हो गए हैं। दूसरी ओर मोबाइल या चार्जर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सूती कपड़े और ऑटो पार्ट्स भी महंगे हो गए हैं। वित्त मंत्री ने इस बार टैब के जरिए बजट का भाषण पढ़ा।

सोमवार को संसद में बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को ज्यादा तर्कसंगत बनाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में कुछ ऑटो पार्ट्स, सोलर इक्विपमेंट, कॉटन और रॉ सिल्क पर कस्टम ड्यूटी (सीमाशुल्क) बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। इसके विपरीत, नेफ्था पर टैक्स में 2.5 फीसद की कमी की घोषणा की।

बजट में पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.5 रुपए और डीजल पर प्रति लीटर 4 रुपए का ‘एग्री इन्फ्रा सेस’ लगाने का प्रस्ताव है। दूसरी ओर, मटर पर 10%, काबुली चना पर 30%, मसूर पर 20% और कॉटन पर 5% का एग्री इन्फ्रा सेस लगाने का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में अल्कोहलिक पदार्थों पर 100% का एग्री इन्फ्रा सेस लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। इससे आने वाले समय में विभिन्न वस्तुओं की कीमतों पर थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिल सकता है।

वित्त मंत्री ने कुछ ऑटो पार्ट्स पर 7.5% इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% कर दी है, इससे गाड़ियां महंगी होंगी। सोलर इनवर्टर महंगा होगा, क्योंकि इस पर इंपोर्ट ड्यूटी 15% बढ़ाई गई है। मोबाइल फोन के चार्जर और हेडफोन पर इंपोर्ट ड्यूटी 2.5% बढ़ाई है। इससे ये चीजें भी महंगी होंगी। सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 7.5% कम की गई है। इससे ज्वैलरी सस्ती होगी। स्टील प्रोडक्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी 7.5% कम कर दी गई है। तांबे पर इंपोर्ट ड्यूटी 2.5% घटाई गई है। चुनिंदा लेदर को कस्टम ड्यूटी से हटा दिया गया है। इससे लेदर के प्रोडक्ट सस्ते होंगे।

दरअसल, तीन साल पहले आए जीएसटी ने सामानों और सर्विसेज को महंगा-सस्ता करने की ताकत बजट से छीन ली है। अब 90% चीजों की कीमत जीएसटी तय करता है, लेकिन विदेश से मंगाई जाने वाली वस्तुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी का असर रहता है और इसकी घोषणा बजट में की जाती है। 4 साल में सरकार ने मोबाइल फोन से जुड़े प्रोडक्ट पर औसतन 10% तक इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है, इससे प्रोडक्शन तीन गुना बढ़ा है। अभी करीब 90% प्रोडक्ट्स जीडीपी स्लैब में आते हैं, इन्हीं के जरिए कम-ज्यादा कीमत होती है।

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