आश्रय स्थल में सिफ्ट होंगे बाल अपचारी अभियोजन की उदासीनता से नहीं मिल पा रहा न्याय

उत्तरप्रदेश न्यूज़ भारत

– आश्रय स्थल में सिफ्ट होंगे बाल अपचारी
– अभियोजन की उदासीनता से नहीं मिल पा रहा न्याय

बस्ती। शासन की ओर से बाल कल्याण को लेकर चलाई जा रही योजनाओं का हाल जानने के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ सुचिता चतुर्वेदी ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। जहां उन्होंने बालहित को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा किया। इसके अलावा सरकार की ओर से चलाई गई बाल सेवा योजना के बेहतर क्रियांव्यन को लेकर समीक्षा भी किया।
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आयोग की सदस्य को जिम्मेदारों ने कर दिया गुमराह
– अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आयोग की सदस्य ने प्रेसवार्ता किया। पीछे वर्ष ‌जिले के संप्रेक्षण गृह में एक लगभग 15 वर्षीय बाल अपचारी की मौत हो गई थी। इस विषय पर जब उनसे सवाल किया गया तो वह इस सवाल का वह जवाब नहीं दे पाईं। जिम्मेदार भी बंगले झांकने लगे, सब मिलाकर कुछ जिम्मेदारों ने आयोग की सदस्य को इस विषय पर गुमराह कर दिया। फिलहाल उन्होने प्रकरण को संज्ञान में ले लिया। प्रदेश में बढ़ रहे बाल अपराध के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में बाल अपराध पर अंकुश लगा है। बाल संप्रेक्षण गृह में क्षमता से अधिक रह रहे बाल अपचारियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि पचपेड़िया में बने आश्रय गृह का उन्होंने निरीक्षण किया है। बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह में 30 की अपेक्षा 80 बच्चे रह रहे हैं। कहा कि इसे लेकर उन्होंने डीएम सौम्या अग्रवाल मुलाकात कर वार्ता किया और स्थिति से अवगत कराते हुए आश्रय गृह में बाल अपचारियों को सिफ्ट किए जाने का सुझाव दिया। जिसपर सहमति बन गई। जल्द ही संप्रेक्षण गृह में रह रहे बाल अपचारियों को यहां सिफ्ट किया जाएगा।
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अभियोजन की उदासीनता से नहीं मिल पा रहा न्याय
– पीड़ित बालकों को न्याय न ‌मिल पाने में कहीं न कहीं अभियोजना की उदासीनता सामने आ जाती है। जिसका सीधा-सीधा फायदा अपराधी उठाते हैं और वे आसानी से रिहा हो जाते हैं। इस सवाल पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि इसी लिए यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई है।
बस्ती से आल इंडिया न्यूज टुडे संवाददाता दुर्गेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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